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प्रेम...

छत पर मूँगफली के छिलके बिखरे पड़े हैं उन्हीं के बीच पड़े हैं कुछ दाने ठुकराए हुए से  जैसे कोई जरूरी कामों के बीच  भूल गया हो प्रेम को। *** वह दोनों सड़क के किनारे शायद किसी बस के इंतजार में खड़े थे। लड़की ने अपने कंधे पर एक बड़ा सा डफल बैग टांग रखा था। लड़के के दोनों हाथ जीन्स की जेब में थे। उसने अपनी शर्ट के पॉकेट से लाइटर निकाला और एक सिगरेट जला ली। लड़की की आँखें हवा के हर झोंके के साथ धुएँ से भर जाती। लड़का उसकी तरफ़ देखता तो वह मुस्कुरा देती। प्रेम भी पता नहीं क्या चीज़ होती है। कोई कर के पछताता। कोई ना करके।  *** दिल बेधड़क सुर बुनता जाता है। ज़िंदगी अपनी रफ़्तार से बीतती जाती है। दिन ऑफिस के कामों में कट जाता है। रात करवटें लेते गुजर जाती है। इसी बीच मुझे तुम्हें प्यार करना होता है। इन्हीं सब के बीच मैं तुम्हें याद करता हूँ। तुम्हारे लिए तोहफ़े सोचता हूँ, झुमके चुनता हूँ और पायलें लेता हूँ।  जरूरी नहीं कि जो दिन भर मैसेज न करता हो वह याद भी न करता हो।  समझा करो।  कि जिंदगी बिखरी हुई है और उसे बुहारने वाला लापता है। #Rohankidiary #poetry #...

मेरा लालच

हॉट स्टार पर चलते आईपीएल की तरह ज़िन्दगी ठहर जाती है कई बार उलझनों की बफरिंग की वजह से। ऐसे में क्या मुझे ज़िन्दगी रिस्टार्ट कर देनी चाहिए मोबाईल की तरह? या फ़्लाइट मोड में डाल कर छोड़ देनी चाहिए कुछ देर के लिए कि सारी चिंताएँ ऐरोप्लेन की तरह उड़ जाएं सर के ऊपर से। कुछ नहीं सूझता। घर से ऑफिस जाते हुए बस में किताब खोल लेता हूँ। अपने सफ़र में खो जाता हूँ। आगे वाली सीट पर बैठी लड़की ने एक इयर पीस अपने लेफ्ट कान में लगा रखा है और एक को अपने दाँतों में। माइक उसकी गर्दन पर लटका हुआ है। उस पार से शायद किसी ने लव यू कहा हो कि वह कुछ देर राइट इयर पीस को अपनी अँगुली में घुमाती है और कुछ देर सोचने के बाद हल्के से कहती है 'टू यू ट'। उसने यह कहने से पहले कुछ देर क्या सोचा था? हर दिल चिटका हुआ है मोबाइल की स्क्रीन की तरह। हर शख्स तन्हा है चौराहे पर खड़ी की मूर्तियों की तरह। मैं मग़र तुम्हारी याद में ही भीगा रहता हूँ। जब चाहूँ तुम्हें छू सकता हूँ अपनी अँगुलियों में। तुम्हें देख सकता हूँ अपनी आँखों में। तुम्हारे होने को तुम्हारे होने की ज़रूरत नहीं है। ये तो मेरा लालच है कि तुम पास...