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तुम हो कि...

जादूगर मूँगफली वाले की तरह अपने पिटारे से तरह-तरह के अचम्भे निकालता जाता। लोग कपड़े की दुकान के आगे खड़े पुतले की तरह देखते जाते। लोगों को लगता कि वे जादू के सम्मोहन में है। मग़र असल में यह शाम थी जो उनकी आँखों में तिलिस्म फूँक रही थी।  मैं इस मायाजाल में नहीं फंसता हूँ कि मेरी जेबों में तुम्हारे होंठो के गुलाबी फाहे रखे हैं। दिल में तुम्हारे बालों में फंसे क्लेचर की चुभन अटकी हुई है। गर्दन में तुम्हारे दाँतों की टीस है जो मुझे इस मायावी दुनिया से मुक्त रखती है। मैं एक शैतान हूँ और तुम शैतान की प्रेमिका। मेरे यह कहते ही तुम मेरे गालों पर अपने दांत गड़ा देती हो। हरी नीली बसें एक्सीलेटर छोड़कर ब्रेक लगा देती हैं। ट्राफिक पुलिस वाला सर पे हाथ रखकर बैठ जाता है एटीएम के बाहर बने फुटपाथ पर। मूँगफली वाला देखने लगता है दूसरी तरफ़ जैसे उसने कुछ देखा ही न हो अभी अभी।  अभी तो सर्दियाँ शुरू भी नहीं हुई और तुम हो कि ओस की तरह गिरने लगी हो मुझपर। रहम करो कि बरबाद हो जाएगा ये शहर भी मेरी तरह।  मैं और तुम। जैसे कोई कहानी। हैं भी और नहीं भी हैं हम। चियर्स।