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मेरा लालच


हॉट स्टार पर चलते आईपीएल की तरह ज़िन्दगी ठहर जाती है कई बार उलझनों की बफरिंग की वजह से। ऐसे में क्या मुझे ज़िन्दगी रिस्टार्ट कर देनी चाहिए मोबाईल की तरह? या फ़्लाइट मोड में डाल कर छोड़ देनी चाहिए कुछ देर के लिए कि सारी चिंताएँ ऐरोप्लेन की तरह उड़ जाएं सर के ऊपर से।

कुछ नहीं सूझता।

घर से ऑफिस जाते हुए बस में किताब खोल लेता हूँ। अपने सफ़र में खो जाता हूँ। आगे वाली सीट पर बैठी लड़की ने एक इयर पीस अपने लेफ्ट कान में लगा रखा है और एक को अपने दाँतों में। माइक उसकी गर्दन पर लटका हुआ है। उस पार से शायद किसी ने लव यू कहा हो कि वह कुछ देर राइट इयर पीस को अपनी अँगुली में घुमाती है और कुछ देर सोचने के बाद हल्के से कहती है 'टू यू ट'। उसने यह कहने से पहले कुछ देर क्या सोचा था?

हर दिल चिटका हुआ है मोबाइल की स्क्रीन की तरह। हर शख्स तन्हा है चौराहे पर खड़ी की मूर्तियों की तरह।

मैं मग़र तुम्हारी याद में ही भीगा रहता हूँ। जब चाहूँ तुम्हें छू सकता हूँ अपनी अँगुलियों में। तुम्हें देख सकता हूँ अपनी आँखों में।

तुम्हारे होने को तुम्हारे होने की ज़रूरत नहीं है। ये तो मेरा लालच है कि तुम पास में हो तो तुम्हें बाहों में भर लूँ।

#Rohankidiary #poetry #selfmusing 

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