एक मुसाफिर जानता है
कि उसे कहाँ ठहरना है और कहाँ से कब चले जाना है
एक टैक्सी वाले को मालूम है
कि किस मोड़ से इस शहर के बाहर जाकर भरा जा सकता है गिलास
एक गिलहरी को भी इल्म है
कि पेड़ से गिरे बीज को कैसे कुतरना है
पेड़ का पत्ता पत्ता जानता है
कि कब शाख से बिछड़ कर मिट्टी में मिल जाना है
पंछी दिनभर काम करके
घर लौट कर करते हैं
अपनी चोंच साफ़
बादल अपनी आदत से मज़बूर
रोज बरसता है शहर पर,
थोड़ा थोड़ा
कि सब को मालूम है
अपने अपने ज़रूरी कामों के बारे में।
तुम बताओ,
तुम प्रेम के बारे में क्या जानते हो?
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