Skip to main content

वो लड़की

 

उसके पीछे खड़ी दीवार पर एक लड़का और एक लड़की पेंटिंग में से झांक रहे थे। लड़की के बालों का रंग लाल था। लड़के की शर्ट का रंग नेवी ब्लू था। उसके हाथ में एक गिटार था। उसके बालों की लटें उसकी आँखों पर पहरा कर रही थी। उसने एक सफ़ेद काले रंग की शर्ट पहनी हुई थी। अचानक मुझे लगा जैसे उसने मुझे ये लिखते हुए देख लिया हो। पीछे से आवाज़ आई, दोस्त वह तुम्हें ही देख रही है। मैंने उसके पास जाकर साथ कॉफ़ी पर चलने को पूछा। उसने कहा एक शर्त पर। क्या तुम मेरी एक ऐसी तस्वीर उतार सकते हो जैसा तुमने मुझे इसमें लिखा है? 

Comments

Popular posts from this blog

जैसे...

वॉयलिन की कोई उदास धुन बजाते हुए, जैसे मर गया हो कोई संगीतकार। जैसे कोई बूढ़ा ठहर गया हो अपनी आखिरी खुराक खाने से पहले ही। जैसे मुस्कराते हुए हिरन की गर्दन काट दी हो शिकारी ने और वह भूल गया हो आखिरी तड़प के दर्द को चेहरे पर लाना।  जैसे पुकारा हो तुमने मेरा नाम आखिरी बार जैसे मैं कर रहा हूँ इंतजार तुमसे मिलने का,  आखिरी बार।

हो सकता है

 मौसम विभाग ने कहा था की दस तारिख को बारिश होगी  उसने कहा था की दस तारीख को मिलेंगे  न बारिश हुई न वह मिलने आई।  हो सकता है इन दो बातों का एक दूजे से कोई लेना देना न हो। 

ख़यालों के कुछ टुकड़े

एक मजदूर प्रेमी अपने महीने भर की तनख्वाह से अपनी महबूबा के लिए एक चाँद लाया. और महबूबा चाँद पर बैठकर किसी शहजादे के पास चली गई. *** किताबें इंसान को बिना पिए ही शराबी बना देती है। *** कभी कभी मैं महसूस करता हूँ कि मैं सर्द हवा का एक झोंका हूँ. जो हर सुबह एक नीली तितली की पीठ पर बैठकर अपने काम पर जाता है. और शाम को लौटता है एक बादल बनकर. *** ऑफिस का घर से दूर होना कितना मजेदार है! 2 घंटे की भीड़ भरी तन्हाई में कितना कुछ लिखा जा सकता है। *** इस दुनिया में हर चीज एक करिश्मा है. यह करिश्मा ही है कि मैं ऑफिस में कीबोर्ड पर टिक टिक करते वक़्त यह महसूस करता हूँ कि मैं अपनी अपनी प्रेमिका को ख़त लिख रहा हूँ. ख़त, जो हर शाम अधूरा रह जाता है. ***